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आर्डू में कलम लगाने की तकनीक का विकास
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डॉ. यू.के. तोमर
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18 अगस्त, 2011 |
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मरूस्थलीय प्रक्रिया एवं शुष्क क्षेत्रों में भू-उत्पादक्ता सुधार हेतु नियन्त्रक उपाय
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डॉ. जी. सिंह
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06 मई, 2011 |
(0.13 MB)
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टिब्बा स्थिरिकरण : आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभ |
डॉ. जी. सिंह |
06 मई, 2011 |
(0.1 MB)
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Commiphora wightii (गुग्गल) : एक विलुप्तयः आयुर्वेदिक औषधि
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डॉ. तरूण कांत |
06 मई, 2011 |
(0.15 MB)
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भारतीय मरुस्थल की औषधीय महत्व की प्रजाति Commiphora wightii (गुग्गल) के संरक्षण हेतु जैव-प्रौद्योगिकी अंतराक्षेपण |
डॉ. तरूण कांत |
06 मई, 2011 |
(0.53 MB)
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भारतीय मरुस्थल में नहरी क्षेत्रों के जलाक्रांत भाग के पुनःस्थापन हेतु जैव जल निकास |
एन. बाला |
06 मई, 2011 |
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1.52 MB)
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शुष्क क्षेत्र में कृषि वानिकी : स्थानीय लोगों हेतु बहुलाभकारी |
डॉ. बिलास सिंह |
06 मई, 2011 |
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2.27 MB)
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राजस्थान के शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में सतत उत्पादन हेतु कृषि वानिकी |
डॉ. जी. सिंह |
06 मई, 2011 |
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0.07 MB)
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रोपण सामग्री सुधार : राजस्थान तथा गुजरात में बीज उत्पादन क्षेत्रों का विकास |
डॉ. डी. के. मिश्रा |
06 मई, 2011 |
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0.91 MB)
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रोपण सामग्री सुधार : पौध बीजोधान विकास
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डॉ. डी. के. मिश्रा |
05 मई, 2011 |
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0.21 MB)
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भारत के शुष्क क्षेत्रों में शहरी वनीकरण
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डॉ. प्रदीप चौधरी |
05 मई, 2011 |
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0.08 MB)
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मूल्यांकन और संरक्षण और उपयोग के लिए वन उत्तर पश्चिमी भारत की आनुवंशिक संसाधन का प्रबंधन |
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05 मई, 2011 |
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राजस्थान में औषधीय पौधौं का व्यापार
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डॉ. डी. के. मिश्रा |
05 मई, 2011 |
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0.4 MB)
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उत्तर-पश्चिमि भारत में शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों के अकाष्ठ वन उत्पाद |
डॉ. प्रदीप चौधरी |
05 मई, 2011 |
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1.99 MB)
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अकाष्ठ वन उत्पादों के सतत प्रबंधन की युक्तियाँ तथा ग़्रामीण, विशेषकर राजस्थान के शुष्क क्षेत्र की महिलाओं के जीविकोपार्जन पर इनका प्रभाव |
संगीता त्रिपाठी |
05 मई, 2011 |
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2.38 MB)
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वृक्ष संस्थापन हेतु बहिष्प्रवाहों का नियन्त्रण तथा पर्यावरण को सुरक्षा प्रदान करना |
डॉ. जी. सिंह |
05 मई, 2011 |
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0.56 MB)
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राजस्थान के शुष्क भू-भाग में सफ़ेदा का प्राकृतिक पुनरूद्भवन |
एन. बाला |
05 मई, 2011 |
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0.71 MB)
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वानिकी अनुप्रयोग में वृद्धि तथा उपज मॉड्लों का प्रयोग. |
डॉ. वी. पी. तिवारी |
05 मई, 2011 |
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0.07 MB)
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