पुस्तकालय
किसी भी शैक्षणिक अथवा अनुसंधान संस्थान की रीढ़ उसका पुस्तकालय होता है। संस्थान के अनुसंधान कार्यों को एक सुसज्जित एवं समृद्ध पुस्तकालय-सह-सूचना केंद्र का समर्थन प्राप्त है। पुस्तकालय भवन में 11 कक्ष/हॉल हैं तथा इसमें 40 पाठकों के बैठने की व्यवस्था उपलब्ध है।
पुस्तकें - पुस्तकालय में 7,830 पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिन्हें यूनिवर्सल डेसिमल क्लासिफिकेशन (UDC) पद्धति के अनुसार वर्गीकृत एवं व्यवस्थित किया गया है। पुस्तकों का वर्गीकरण मुख्यतः वानिकी, सिल्वीकल्चर, कृषि वानिकी, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, पादप शरीर क्रिया विज्ञान, आकारिकी, पादप रोग विज्ञान तथा पारिस्थितिकी जैसे विषयों के अंतर्गत किया गया है। संदर्भ ग्रंथों जैसे विश्वकोश, शब्दकोश, ‘वेल्थ ऑफ इंडिया’, एटलस, मानचित्र आदि के लिए पृथक स्थान उपलब्ध है। सभी पुस्तकों का वर्गीकरण कर उन्हें कंप्यूटर में दर्ज किया गया है, जिससे अलमारियों में पुस्तकों का पता लगाना सरल हो जाता है।
पत्रिकाएँ - पुस्तकालय में वर्तमान में 15 भारतीय तथा 10 विदेशी शोध पत्रिकाओं की सदस्यता उपलब्ध है।
समाचार-पत्रिकाएँ/अन्य प्रकाशन - पुस्तकालय को विभिन्न संस्थानों की वार्षिक रिपोर्टें प्राप्त होती हैं। इसके अतिरिक्त अनेक मोनोग्राफ, शोध लेखों के पुनर्मुद्रण तथा समाचार-पत्रिकाएँ निःशुल्क प्रतियों के रूप में प्राप्त होती रहती हैं।