परिचय

वन पारिस्थितिकी एवं जलवायु परिवर्तन प्रभाग राजस्थान के शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण, जैव विविधता ह्रास तथा जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के समाधान हेतु बहुविषयक अनुसंधान कार्य करता है। यह प्रभाग पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, वनों एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन तथा पारिस्थितिक तंत्रों की सहनशीलता (रेज़िलिएंस) को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक रणनीतियाँ विकसित करता है।

प्रभाग के प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों में कार्बन पृथक्करण (Carbon Sequestration), मृदा स्वास्थ्य आकलन, क्षरित भूमि, लवणीय मृदाओं, खनन प्रभावित क्षेत्रों, बंजर भूमि तथा रेत के टीलों का पुनर्स्थापन, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन, तथा वन आनुवंशिक संसाधनों (Forest Genetic Resources–FGR) का प्रलेखन एवं संरक्षण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रभाग घासभूमि पुनर्स्थापन, चारा विकास, गैर-काष्ठ वन उत्पादों (Non-Timber Forest Products–NTFPs) तथा सीमित जल उपलब्धता की परिस्थितियों में वृक्षारोपण की सफलता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न वृक्ष प्रजातियों की जल आवश्यकताओं पर भी अनुसंधान करता है।

इसके अतिरिक्त, यह प्रभाग वृक्षारोपण एवं पारिस्थितिक पुनर्स्थापन कार्यक्रमों की निगरानी एवं मूल्यांकन करते हुए पौधों की जीवित रहने की क्षमता, वृद्धि प्रदर्शन, प्रजातियों की उपयुक्तता, मृदा एवं नमी संरक्षण उपायों तथा कार्बन पृथक्करण क्षमता का आकलन करता है। प्रभाग हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) विकास, भू-दृश्य नियोजन (Landscape Planning), पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, क्षरित भूमि के पुनर्वास तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detailed Project Report–DPR) तैयार करने हेतु तकनीकी परामर्श भी प्रदान करता है। साथ ही, यह प्रजातियों के चयन, मृदा एवं जल प्रबंधन तथा सतत वृक्षारोपण मॉडल के संबंध में वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है।

अपने समन्वित अनुसंधान, निगरानी, तकनीकी परामर्श तथा क्षेत्राधारित गतिविधियों के माध्यम से यह प्रभाग पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, जलवायु परिवर्तन के शमन एवं अनुकूलन, जैव विविधता संरक्षण, सतत आजीविका संवर्धन तथा दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

उद्देश्य

1. विशेष रूप से शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में वन पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन तथा पारिस्थितिक तंत्र प्रक्रियाओं पर अनुसंधान करना, ताकि वन पारिस्थितिक तंत्रों की सहनशीलता (रेज़िलिएंस), उत्पादकता एवं सततता को बढ़ाने हेतु वैज्ञानिक रणनीतियों का विकास किया जा सके।

2. उपयुक्त वनस्पति मॉडलों तथा मृदा एवं जल संरक्षण उपायों के माध्यम से बंजर भूमि, खनन प्रभावित क्षेत्रों, लवणीय मृदाओं, घासभूमियों, बीहड़ों तथा रेत के टीलों सहित क्षरित पारिस्थितिक तंत्रों के पुनर्स्थापन एवं सतत प्रबंधन हेतु प्रौद्योगिकियों का विकास करना।

3. वन आनुवंशिक संसाधनों (Forest Genetic Resources–FGR), कार्बन पृथक्करण (Carbon Sequestration), मृदा स्वास्थ्य, गैर-काष्ठ वन उत्पादों (Non-Timber Forest Products–NTFPs) तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर अध्ययन के माध्यम से वन जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का आकलन एवं संरक्षण करना, जिससे संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सके।

4. पर्यावरणीय तनावपूर्ण परिस्थितियों में प्रजातियों की उपयुक्तता, जल आवश्यकताओं, सिंचाई रणनीतियों, वृक्षारोपण प्रदर्शन तथा पारिस्थितिक पुनर्स्थापन मॉडलों के अध्ययन के माध्यम से सतत वृक्षारोपण एवं वनीकरण प्रौद्योगिकियों का विकास एवं मूल्यांकन करना।

5. वृक्षारोपण कार्यक्रमों की निगरानी एवं मूल्यांकन, परामर्श सेवाएँ, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detailed Project Reports–DPRs) तैयार करना, हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) विकास, भू-दृश्य नियोजन (Landscape Planning) तथा सरकारी विभागों एवं अन्य हितधारकों के क्षमता निर्माण के माध्यम से पर्यावरण प्रबंधन हेतु वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करना।

अनुसंधान की प्रमुख उपलब्धियाँ

जोधपुर के लूणावास भाकर में क्षरित भूमि का पुनर्स्थापन
राजस्थान के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्डों का विमोचन
गुजरात तथा दादरा एवं नगर हवेली के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्डों का विमोचन
A. कैपैरिस डेसिडुआ का क्षेत्रीय दृश्य। B. फलों का संग्रहण। C. बीज अंकुरण। D. एक्सटेंडर पाइप युक्त रूट ट्रेनर में नर्सरी के अंतर्गत पौधों का विकास। E. 500 सीसी रूट ट्रेनर तथा पीवीसी पाइप एक्सटेंडर में विकसित नर्सरी पौधे। F एवं G. क्षेत्र में वृक्षारोपण। H. क्षेत्रीय वृक्षारोपण के 12 माह बाद स्थापित कैपैरिस डेसिडुआ पौधे।
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लोग

क्र. सं. नाम पदनाम ई-मेल संपर्क
श्रीमती भावना शर्मा वैज्ञानिक-ई
(प्रभागाध्यक्ष)
bhawana@cfre.org 2729143
श्री शेरा राम बलोच वैज्ञानिक-ई balochsr@icfre.org 2729144
डॉ. सचिन शर्मा वैज्ञानिक-सी ssharma@icfre.org 2729145
डॉ. शरत कोठारी वैज्ञानिक-बी skothari@icfre.org 2729145
डॉ. इल्हाम बानो वैज्ञानिक-बी ilhambano@icfre.org 2729142
श्री एस. के. राजपूत मुख्य तकनीकी अधिकारी skrajput@icfre.org 2729149
श्री एन. के. लिम्बा मुख्य तकनीकी अधिकारी nklimba@icfre.org 2729153
श्री पी. आर. नागौरा मुख्य तकनीकी अधिकारी prnagora@icfre.org 2729148
श्री जी. आर. चौधरी सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी gangaram@icfre.org 2729147
श्री भेपा राम बिश्नोई तकनीकी अधिकारी brbishnoi@icfre.org 2729148
श्री अनिल शर्मा तकनीकी अधिकारी anilsharma@icfre.org 2729148
श्री मुकेश कुमार यादव तकनीकी सहायक yadavmk@icfre.org 2729147
श्री शैलेन्द्र सिंह वरिष्ठ तकनीशियन ssrathore@icfre.org 2729146
श्री ज्योति प्रकाश बहुकार्यकारी कर्मचारी (एमटीएस) chobayjp@icfre.org 2729147