भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद्
(पर्यावरण, वन मंत्रालय एवं जलवायु परिवर्तन ,भारत सरकार)
 

आदर्श पौधशाला



Seedlings Growing in Nursery

पौधशाला का कुल क्षेत्रफल 1.8 हैक्टेयर है। इसकी आकृति आयताकार है। स्थलाकृति समतल है मृदा दुमटी (loamy) है। पौधशाला स्थल में लवणीय भू जल लगभग 40 मीटर की गहराई पर उपलब्ध है। सतही मृदा की गहराई लगभग 2 मीटर है एवं इसके नीचे 'मुर्रम'है।

आफरी आदर्श पौधशाला में आधारभूत सुविधाएँ

शेड हाउस : पौधशाला में उगायी जाने वाली पौध को सीधे ही सूर्य की तेज रोशनी, तेज हवा, पाला, मूसलाधार वर्षा आदि प्राकृतिक दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एंगल आयरन संरचना पर एग्रोनेट (75:25) लगाकर 8 शेड हाउस बनाए गए हैं।
स्प्रिंकलर सिस्टम : पौधों की समुचित एवं एक समान सिंचाई करने हेतु सभी शेड हाउस में ओवर हैड स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए गए हैं। सिंचाई जल की अबाधित एवं चिपचिपाहट रहित आपूर्ति हेतु स्प्रिंकलर सिस्टम एक सैण्ड फिल्टर व वायरमैश फिल्टर के साथ लगाया गया है।


Poluhouse at AFRI Nursery

कम्पोस्ट यूनिट :7मी. ग 3 मी. आकार का कम्पोस्ट धानी (Bin) तथा हस्त चालित कुट्टी मशीन (manually operated chaff cutter) युक्त एक कम्पोस्ट यूनिट का निर्माण किया गया है। इसका उपयोग शुष्क तथा अर्ध्द शुष्क क्षेत्रों में उपलब्ध स्थानीय खरपतवारों जिनमें कृषि क्षेत्र के अपशिष्ट तथा उत्पाद सम्मिलित हैं, के द्वारा कम्पोस्ट उत्पादन संबंधी विधियों का मानकीकरण करने के लिए विभिन्न प्रयोग किए जा रहे हैं। कम्पोस्ट उत्पादन की वायवीय पध्दति (Aerobic methods) पर कम्पोस्ट इकाई आधरित है।

जल संग्रहण टांके :1.15 लाख लीटर की क्षमता वाले 5 भूमिगत टाको का निर्माण किया गया है। पौधशाला में अस्थायी तौर पर जल आपूर्ति बाधित  होने पर आपातकाल में इन टंकियों द्वारा पौधशाला में तीन दिन तक जल की आपूर्ति की जा सकती है।

जलपाईप लाईन :आफरी मुख्य परिसर से पौधशाला तक जल आपूर्ति करने के लिए आवश्यक पम्प और पम्प हाउस सहित 2 इंची पाईप लाईन मुहैया करवाई गई है।

पॉटिंग मीडिया सम्मिश्रण इकाई (Postting mixture unit) :समान पॉटिंग मीडिया का उत्पादन सुनिश्चित कराने के लिए इसमें उपयोग किए जाने वाले विभिन्न अवयवों को ठीक तरह से मिलाने हेतु डीजल इंजन से चलित पॉटिंग मीडिया सम्मिश्रण इकाई उपलब्ध है।

जड़ साधक (रूट ट्रेनर ब्लॉक) :पौधशाला में मय स्टैण्ड 150 सीसी, 250 सीसी एवं 300 सीसी के रुट ट्रेनर ब्लॉक उपलब्ध हैं।

उन्नायक क्यारी संरचना (Raised Bed structure):10 मी x 1 मी x 1.8 मी आकार की चार उन्नायक क्यारी पौधशाला में बनी हुई हैं। ये ईंटों से निर्मित की गई हैं और इनके ऊपर लोहे की जाली लगी हुई है। जड वृध्दि को रोकने (air pruning) हेतु पॉलीबेग में लगी पौध को प्लेटफार्म मुहैया करवाने हेतु इनका निर्माण किया गया है।

ट्रांसपोटर्ेशन स्टैण्ड रूट ट्रेनर द्वारा तैयार की गई पौध को पौधशाला से वृक्षारोपण स्थल तक, कम से कम क्षति पहुँचाए बिना सुगमता से परिवहन करने के लिए पौधशाला में 12 ट्रांसपोटशन स्टैण्ड उपलब्ध हैं।

कायिक प्रवर्ध्दन  सम्मिश्रण : कायिक विधियों के द्वारा श्रेष्ठ रोपण सामग्री के प्रवर्ध्दन हेतु संस्थान में धुँध कक्ष, धुँध पॉलीगृह तथा दृढीकरण (हार्डनिंग) सह पौधाघर (ग्रीनहाउस) की सुविधा उपलब्ध है। धुँध कक्ष में तापमान एवं नमी नियंत्रण प्रणाली (सिस्टम) है तथा इसमें एक समय में 30,000 पौध (रैमट) तैयार की जा सकती हैं। कायिक प्रवर्ध्दन सम्मिश्रण से हासिल की गई कुछ उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं-

 

  • 5 हैक्टेयर क्षेत्र में कायिक प्रवर्ध्दन उद्यान स्थापित किया गया है।
  • 29 हैेक्टेयर में शीशम (डी. सीसू) तथा सफेदा (ई. टैरिटिकोर्निस) का क्लोनीय बीज उद्यान (क्लोनल सीड आर्चड) स्थापित किया गया है।
  • अरडू (ए. एक्सेल्सा) तथा देशी बबूल (ए. निलोटिका) की क्लोनल प्रवर्ध्दन तकनीकें विकसित की गई हैं।
  •  

    नवीन जानकारी


    रोजगार एवं निविदाएं


    निदेशक का संदेश



    एन के वासु , आई एफ एस

    शुष्क वन अनुसंधान संस्थान, जोधपुर (राजस्थान) की वेबसाइट पर आपका स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। शुष्क वन अनुसंधान संस्थान की स्थापना.... आगे देखे»

    फोटो गैलरी


    आगे देखे»

    भा.वा.अ.शि.प संस्थान


    कॉपीराइट © 2014 - शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (शु.व.अ.सं.) रूपांकित, विकसित और मेजबानी द्वारा सूचना प्रौधोगिकी प्रभाग,भा.वा.अ.शि.प.